Tuesday, 24 February 2015

देसी और घरेलु कुछ रामबाण तरीके से अपना वजन घटाए!




1. आधा चम्मच सौंफ लेकर एक कप खौलते पानी में डाल दी जाए और 10 मिनिट तक इसे ढांककर रखा जाए और बाद में ठंडा होने पर पी लिया जाए। ऐसा तीन माह तक लगातार किया जाना चाहिए, वजन कम होने लगता है।

2. गुग्गुल गोंद को दिन मे दो बार पानी में घोलकर या हल्का गुनगुना कर सेवन करने से वजन कम करने में मदद मिलती है।

3. लटजीरा या चिरचिटा के बीजों को एकत्र करके, किसी मिट्टी के बर्तन में हल्की आंच पर भून लिया जाए और एक-एक चम्मच दिन में दो बार फांकी मार ली जाए वजन घटेगा। 


4. करेले की अध कच्ची सब्जी भी वजन कम करने में काफी मदद करती है और सहजन या मुनगा की फलियों की सब्जी को मोटापा कम करने में असरदार हैं।

5. सोंठ, दालचीनी की छाल और काली मिर्च (3 ग्राम प्रत्येक) लेकर कुचल लिया जाए और चूर्ण बनाया जाए। इस पूरे चूर्ण को दो हिस्सों में बांटकर एक हिस्सा सुबह खाली पेट और दूसरा रात सोने से पहले लिया जाना चाहिए। चूर्ण को एक पानी में डालकर, घोलकर पिया जा सकता है।

6. शहद एक काम्पलेक्स शर्करा की तरह है, जो मोटापा कम करने में काफी हद तक मदद करता है। गर्म पानी में एक चम्मच शहद प्रतिदिन सुबह खाली पेट पीने से कुछ ही समय में परिणाम दिखने लगते हैं । 

7. पुदीना की ताजी हरी पत्तियों की चटनी बनाई जाए और रोटी के साथ सेवन किया जाए, असरकारक होती है। पुदीना की चाय भी पीने से वजन कम होता है। 


8. गाजर का भरपूर सेवन किया जाना चाहिए खास तौर से खाना खाने से पहले। आधुनिक विज्ञान भी गाजर को मोटापा कम करने में कारगर मानता है।

Sunday, 22 February 2015

आलू से है फायदे अनेक ....जानिए आलू से बने कुछ घरेलु नुस्के

आलू से घरेलू चिकित्सा

१.  
रक्तपित्त बीमारी में कच्चा आलू बहुत फायदा करता है।   


२.  
कभी-कभी चोट लगने पर नील पड़ जाती है। नील पड़ी जगह पर कच्चा आलू पीसकर लगाएँ ।

३.  
शरीर पर कहीं जल गया हो, तेज धूप से त्वचा झुलस गई हो, त्वचा पर झुर्रियां हों या कोई त्वचा रोग हो तो कच्चे आलू का रस निकालकर लगाने से फायदा होता है।

४.  
भुना हुआ आलू पुरानी कब्ज और अंतड़ियों की सड़ांध दूर करता है। आलू में पोटेशियम साल्ट होता है जो अम्लपित्त को रोकता है।

५.  
चार आलू सेंक लें और फिर उनका छिलका उतार कर नमक, मिर्च डालकर नित्य खाएँ। इससे गठिया ठीक हो जाता है।

६.  
गुर्दे की पथरी में केवल आलू खाते रहने पर बहुत लाभ होता है। पथरी के रोगी को केवल आलू खिलाकर और बार-बार अधिक पानी पिलाते रहने से गुर्दे की पथरियाँ और रेत आसानी से निकल जाती हैं।

७.  
उच्च रक्तचाप के रोगी भी आलू खाएँ तो रक्तचाप को सामान्य बनाने में लाभ करता है।

८.  
आलू को पीसकर त्वचा पर मलें। रंग गोरा हो जाएगा।

९.  
कच्चा आलू पत्थर पर घिसकर सुबह-शाम काजल की तरह लगाने से 5 से 6 वर्ष पुराना जाला और 4 वर्ष तक का फूला 3 मास में साफ हो जाता है।

१०.  
आलू का रस दूध पीते बच्चों और बड़े बच्चों को पिलाने से वे मोटे-ताजे हो जाते हैं। आलू के रस में मधु मिलाकर भी पिला सकते हैं।

११.  
आलुओं में मुर्गी के चूजों जितना प्रोटीन होता है, सूखे आलू में 8.5 प्रतिशत प्रोटीन होता है। आलू का प्रोटीन बूढ़ों के लिए बहुत ही शक्ति देने वाला और बुढ़ापे की कमजोरी दूर करने वाला होता है।

और पढ़े ................