Sunday, 28 December 2014

घरेलू उपाय अपनाये और पीरियड्स के दर्द को कहे bye bye ...

                  दादी माँ की दवाई 

समस्या कहे या परेसानी पर प्रदूषण, खानपान और बदलती जीवनशैली में बदलाव की वजह से अक्सर महिलाओं में पीरियड्स के दिनों में बहुत अधिक दर्द की समस्या आज बेहद आम है। ऐसे में इस समस्या से आराम के लिए ऐसे कई घरेलू उपाय हैं जिन्हें मासिक धर्म के समय होने वाले तेज दर्द में आराम के लिए अपनाया जा सकता है। इनका न तो कोई साइड एफेक्ट है और न ही ये अधिक खर्चीली हैं। 


अजवाइन, लौंग और अदरक 

अक्सर पीरियड्स के दौरान महिलाओं में गैस्ट्रिक की समस्या बढ़ जाती है जिसकी वजह से भी पेट में तेज दर्द होता है। अजवाइन का सेवन इससे निपटने में बेहद कारगर है। आधा चम्मच अज्वाइन और आधा चम्मच नमक को मिलाकर गुनगुने पानी के साथ पीने से दर्द से तुरंत राहत मिल सकती है। इसके अलावा, पीरियड्स के दिनों में अज्वाइन को चुकंदर, गाजर और खीरे के साथ जूस बनाकर पीने से भी दर्द नहीं होता। पीरियड्स में दर्द के दौरान अदरक का सेवन भी तुरंत राहत पहुंचाता है। एक कप पानी में अदरक के टुकड़े को बारीक काटकर उबाल लें। चाहें तो इसमें स्वादानुसार शक्कर भी मिलाएं। दिन में तीन बार भोजन के बाद इसका सेवन करें। 

तुलसी और पपीता

तुलसी एक बेहतरीन नैचुरल पेन किलर है जिसे पीरियड्स के दर्द में बेझिझक ले सकते हैं। इसमें मौजूद कैफीक एसिड दर्द में आराम पहुंचाता है। ऐसे में दर्द के समय तुलसी के पत्ते को चाय ‌में मिलाकर पीने से भी आराम मिलता है। अधिक परेशानी हो तो आधा कप पानी में तुलसी के 7-8 पत्ते डालकर उबालें और छानकर उसका सेवन करें। कई बार पीरियट्स के दौरान फ्लो ठीक तरीके से न हो पाने के कारण भी महलिओं को अधिक दर्द होता है। ऐसै में पपीते का सेवन एक बेहतरीन विकल्प है। इसके सेवन से पीरियड्स के दौरान फ्लो ठीक संतुलित तरीके से होता है जिससे दर्द नहीं होता।

दूध व दूध के बने उत्पाद



दूध और दूध के बने उत्पाद  का सेवन महिलाओं के लिए बहुत जरूरी है। जिन महिलाओं के शरीर में कैल्शियम की कमी होती है उन्हें मासिक धर्म से संबंधित समस्याएं अधिक होती हैं। ऐसे में न सिर्फ पीरियड्स बल्कि हमेशा दूध व डेयरी उत्पाद का सेवन महलिओं के बहुत जरूरी है क्योंकि इनमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। 

और पढ़े घरेलु दवा के लिए............. 


Friday, 26 December 2014

पथरी का घरेलु और आसान उपचार व दवाइयाँ !!!


    पथरी का घरेलु इलाज !!  


किसी प्रकार से पेशाब के साथ निकलने वाले क्षारीय तत्व किसी एक स्थान पर रुक जाते है,चाहे वह मूत्राशय हो,गुर्दा हो या मूत्रनालिका हो,इसके कई रूप होते है,कभी कभी यह बडा रूप लेकर बहुत परेशानी का कारक बन जाती है,पथरी की शंका होने पर किसी प्रकार से डाक्टर से जरूर चैक करवा लेना चाहिये। 

पथरी घरेलू उपचार इस प्रकार से है।

१. जो भी पथरी के मरीज है, उन्हें  चुना नहीं खाना  चाहिए ,चुने को लोग पान मे मिलाकर खाते है, क्योंकि पथरी होने का मुख्य कारण आपके शरीर मे अधिक मात्रा मे केल्शियम है मतलब जिनके शरीर मे पथरी हुई है, उनके शरीर मे जरुरत से अधिक मात्रा मे केल्शियम है, लेकिन वो शरीर मे पच नहीं रहा।  इसलिए आप चुना खाना बंद कर दीजिए। 

२. 
पथरी के मरीज को कुर्थी का दाल खाना चाहिए। कुर्थी का दाल पथरी को धीरे - धीरे पिग्ला कर निकाल देता है। ये दाल आसानी से पुराने किराना दुकान पर मिल जायेगा नहीं तो जड़ी - बूटी के दुकान पे मिलेगा। 

३ . पथरी के मरीज को साफ़ पानी जैसे की फ़िल्टर वाटर या आर ओ का पानी अधिक मात्र में पीना चाहिए। साफ़ पानी और जड़ा पानी पिने से पथरी बढ़ता नही है और धीरे - धीरे निकल जाता है। 

४. पथरी को गलाने के लिये अध उबला चौलाई का साग दिन में थोडी थोडी मात्रा में खाना हितकर होता है,इसके साथ आधा किलो बथुए का साग तीन गिलास पानी में उबाल कर कपडे से छान लें,और बथुये को उसी पानी में अच्छी तरह से निचोड कर जरा सी काली मिर्च जीरा और हल्का सा सेंधा नमक मिलाकर इसे दिन में चार बार पीना चाहिये,इस प्रकार से गुर्दे के किसी भी प्रकार के दोष और पथरी बाली बीमारी के लिये दोनो साग बहुत उत्तम माने गये है।

५. दो चुकन्दर लेकर उन्हे आयु के अनुसार पच्चीस से पचास प्रतिशत पानी में भली प्रकार उबालें,और चुकन्दर को मसल कर उसी पानी में मिला दें,फ़िर उसे छानकर जितना सहन हो सके गर्म अवस्था में पी जावें,यह काम लगातार पथरी के निकलने तक करते रहना है,खाना खाते समय एक या दो खीरा जरूर खायें,इससे पथरी एक माह में टूटकर निकल जायेगी,लेकिन जब तक पथरी जरा सी भी रहती है तब तक इस उपचार को जारी रखना जरूरी है,कारण अगर पथरी का एक भी मामूली सा टुकडा रह जाता है,तो वह चुम्बक की भांति और बडा बनता चला जायेगा।

६.  प्याज लेकर उसे भली प्रकार से पीस लें,फ़िर उसे कपडे से निचोड कर रस निकालें,उसे खाली पेट सुबह को पीना चालू कर दें,कुछ समय उपरान्त वह पथरी बारीक टुकडों में तब्दील होकर निकल जायेगी।

७. जीरे को मिश्री की चासनी अथवा शहद के साथ लेने पर पथरी घुलकर पेशाब के साथ निकल जाती है।

८. तुलसी के बीज का हिमजीरा दानेदार शक्कर व दूध के साथ लेने से मूत्र पिंड में फ़ंसी पथरी निकल जाती है।

९. सूखे आंवले को नमक की तरह से पीस लें,उसे मूली पर लगाकर चबा चबा कर खायें,सात दिन के अन्दर पथरी पेशाब के रास्ते निकल जायेगी,सुबह खाली पेट सेवन करने से और भी फ़ायदा होता है।

१०. यदि मूत्र पिंड में पथरी हो और पेशाब रुक रुक कर आना चालू हो गया है तो एक गाजर को नित्य खाना चालू कर देना चाहिये,इससे मूत्रावरोध दूर होगा,और पेशाब खुलकर साफ़ होगा,पेशाब के साथ ही पथरी घुल कर निकल जायेगी।